एक एडमिशन के साथ एक लैपटॉप फ्री। एक एडमिशन पर 10 से 20 प्रतिशत फीस माफ
तो दो एडमिशन पर 20 से 30 प्रतिशत फीस की छूट। इंजीनियरिंग की शिक्षा के
बाजार में इस तरह के ऑफर इन दिनों प्रदेश में आम हो गए हैं। बावजूद इसके
निजी कॉलेजों को विद्यार्थी नहीं मिल रहे। हालात यह है कि दूसरी काउंसलिंग
में प्रदेश के दस महाविद्यालयों को तो एक-एक विद्यार्थी भी नसीब नहीं हुआ।
दरअसल प्रदेश में कुल 147 निजी महाविद्यालयों को हरियाणा तकनीकी शिक्षा
निदेशालय ने बी-टेक की 54,646 सीटें अलाट की हुई है। इसकी एवज में इस बार
प्रदेश में मात्र 13 हजार ही विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। दाखिलों के
मामले में अहम मानी
जाने वाली दूसरी काउंसलिंग में प्रदेश के इन महाविद्यालयों की कुल सीटों के मात्र 10.45 प्रतिशत ही स्टूडेंट मिल पाए हैं। इनमें कितने एडमिशन में तब्दील होंगे, यह अलग बात है। रेवाड़ी जिले के महाविद्यालय कुल सीटों के मात्र 1.25 फीसदी और जींद मात्र 1.54 फीसदी ही स्टूडेंट बटोर पाए हैं वहीं 43.80 फीसदी के साथ सिरसा और 33.60 फीसदी के साथ भिवानी टॉप पर है। महेंद्रगढ़, सोनीपत और यमुनानगर के दो-दो और झज्जर, कैथल, मेवात, रोहतक के एक-एक महाविद्यालयों को तो एक-एक विद्यार्थी भी नसीब नहीं हो पाए हैं। कई तो ऐसे महाविद्यालय भी हैं जिनको मात्र एक-एक ही स्टूडेंट मिले हैं। यदि वे दाखिला ले भी लें तो वे इनको कैसे पढ़ाएंगे, समझ से परे है। यहां यह उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष खाली रही सीटों के बावजूद प्रदेश के 33 पॉलीटेक्नीक कॉलेज में एआइसीटीई ने अतिरिक्त सीटें दे दी और करीब 93 इंजीनियरिंग कॉलेज को नए डिपार्टमेंट देकर उनकी सीटें भी बढ़ा दी है।
जाने वाली दूसरी काउंसलिंग में प्रदेश के इन महाविद्यालयों की कुल सीटों के मात्र 10.45 प्रतिशत ही स्टूडेंट मिल पाए हैं। इनमें कितने एडमिशन में तब्दील होंगे, यह अलग बात है। रेवाड़ी जिले के महाविद्यालय कुल सीटों के मात्र 1.25 फीसदी और जींद मात्र 1.54 फीसदी ही स्टूडेंट बटोर पाए हैं वहीं 43.80 फीसदी के साथ सिरसा और 33.60 फीसदी के साथ भिवानी टॉप पर है। महेंद्रगढ़, सोनीपत और यमुनानगर के दो-दो और झज्जर, कैथल, मेवात, रोहतक के एक-एक महाविद्यालयों को तो एक-एक विद्यार्थी भी नसीब नहीं हो पाए हैं। कई तो ऐसे महाविद्यालय भी हैं जिनको मात्र एक-एक ही स्टूडेंट मिले हैं। यदि वे दाखिला ले भी लें तो वे इनको कैसे पढ़ाएंगे, समझ से परे है। यहां यह उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष खाली रही सीटों के बावजूद प्रदेश के 33 पॉलीटेक्नीक कॉलेज में एआइसीटीई ने अतिरिक्त सीटें दे दी और करीब 93 इंजीनियरिंग कॉलेज को नए डिपार्टमेंट देकर उनकी सीटें भी बढ़ा दी है।


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ANIL KUMAR
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