प्रदेश सरकार ने आखिरकार स्नातकोत्तर अध्यापकों की भर्ती के संबंध में उन उम्मीदवारों को निरंतर अच्छे शैक्षणिक रिकॉर्ड की आवश्यक योग्यता की शर्त से छूट प्रदान करने का निर्णय लिया है जिन्होंने वर्ष 2008, 2009 व 2011 में राज्य अध्यापक पात्रता परीक्षा और हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण कर रखी है। इस आशय के प्रस्ताव पर सरकार ने मंगलवार को मुहर लगाई।
शिक्षामंत्री गीता भुक्कल ने बताया कि राज्य विद्यालय शिक्षा कैडर (ग्रुप बी) सेवा नियम, 2012 तथा मेवात जिला विद्यालय शिक्षा (ग्रुप बी) सेवा नियम, 2012 में दिए गये निरंतर अच्छे शैक्षणिक रिकॉर्ड का अर्थ था कि
न्यूनतम योग्यता जोकि दसवीं या 12वीं या स्नातक है। उस स्थिति में न्यूनतम योग्यता के लिए पहली दो परीक्षाओं के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक प्राप्त किए तथा तीसरी परीक्षा के लिए 45 प्रतिशत अंक हों। यदि न्यूनतम परीक्षाएं दो हैं तो एक परीक्षा में कम से कम 50 प्रतिशत अंक तथा दूसरी में 40 प्रतिशत अंक प्राप्त होने अनिवार्य हैं।
शिकायतों में कहा गया था कि जिन्होंने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित की गई पात्रता परीक्षा उत्र्तीण की है, वे विवरणिका में निर्धारित योग्यता को पूर्ण करते हैं।
विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित की जाने वाली उपरोक्त परीक्षा के लिए निरंतर अच्छे शैक्षणिक रिकॉर्ड की शर्त का उल्लेख कहीं नहीं है।


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