सिवानीमंडी : सरकार द्वारा बेरोजगारों को दिए जाने वाले
भत्ते को लेकर पात्रों की पहचान की जा रही हैं, जिससे वास्तविक पात्रों को
ही भत्ता दिया जा सके। रोजगार विभाग की इस कार्रवाई से भत्ता लेने वाले
अपात्र लोगों में हड़कंप है।
जानकारी के अनुसार सरकार ने रोजगार विभाग को सख्त आदेश दिए हैं कि जिन
बेरोजगारों ने बेरोजगारी भत्ता पाने के लिए आवेदन किया हुआ है अथवा जो
भत्ते का लाभ ले रहे है उनकी गहनता से जांच की जाए। जांच के कारण विभाग का
अपात्र लोगों को बेरोजगारी लिस्ट से हटाना है। ताकि सरकार को बिना मतलब का
चूना ना लगे। सरकार के आदेश के बाद रोजगार विभाग हरकत में आया हैं और
स्थानीय रोजगार कार्यालय में कर्मचारी घर-घर जाकर भत्ता लेने वाले की
रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। बेरोजगार युवक या युवती किसी निजी संस्थान में
काम करके रोजगार के साधन प्राप्त कर चुके है वो भत्ता लेने के दायरे में
नहीं हैं। सर्वे के माध्यम से विभाग के कर्मचारी ऐसे पात्रों की पहचान
आस-पड़ोस से पूछताछ कर बारीकी से कर रहे हैं। विभाग द्वारा किए जा रहे
सर्वे में ये भी सामने आ रहा हैं कुछ बेरोजगार भत्ता भी ले रहे है व अन्य
संस्थानों में कार्य या फिर जेबीटी या बीएड कर रहे हैं जबकि ऐसा करने वाले
भत्तों के हकदार नहीं हैं। विभाग ऐसे लोगों से सबूतों के आधार पर भत्ता
राशि की रिकवरी भी करेगा जो रोजगार होते हुए बेरोजगारी भत्ता ले रहा है।
क्या कहते हैं अधिकारी
गलत बेरोजगारी भत्ता लेने वालों के बारे में सहायक रोजगार अधिकारी रमेश
कुमार छाबड़ा का कहना है कि विभाग ने सरकार के आदेश पर सर्वे का काम शुरू
करवा दिया है और विभाग के कर्मचारी आवेदकों के घर-घर जाकर पूरी जानकारी ले
रहा है ताकि कोई भी अपात्र भत्ता ना ले सके। उन्होंने बताया कि भत्ता लेने
वाले अपात्रों के नाम इसी माह काट दिए जाएंगे और भविष्य में भी लगातार जांच
का काम जारी रहेगा।


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ANIL KUMAR
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