भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थानों (ट्रिपल आइटी) समेत दूसरे केंद्रीय इंजीनियरिंग कालेजों में राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तावित एकल प्रवेश परीक्षा को लेकर मतभेद भले ही बरकरार हों, लेकिन सरकार अब इसमें और देरी के मूड में नहीं है। लिहाजा, उसने हाई प्रोफाइल प्रौद्योगिकी व इंजीनियरिंग संस्थानों के बीच सहमति बनाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। सूत्रों के मुताबिक पुराने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों की विभिन्न क्षेत्रों में अलग पहचान है, इसलिए दाखिले के मामले में भी वह उसे बरकरार रखना चाहते हैं। इंजीनियरिंग के पाठ्यक्रमों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक समान प्रवेश परीक्षा पर संस्थानों में उपजे मतभेदों को दूर करने के लिए ही मंत्री कपिल सिब्बल व सातों पुराने आइआइटी के चेयरमैन व निदेशकों की आगामी 11 अप्रैल को अलग से बैठक होने जा रही है। बैठक के बाद ही 14 अप्रैल को आइआइटी कौंसिल एवं एनआइटी कौंसिल की साझा बैठक में बुलाई गई है।


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