Saturday, April 21, 2012

AB 5 YEAR KA HOGA PROBABATION PERIOD

हरियाणा सरकार स्कूल टीचरों की नियुक्ति अब केवल ठेके पर ही करेगी। कांट्रैक्ट हर साल बढ़ेगा। पांच साल के कांट्रैक्ट की संतोषजनक सेवा के बाद ही इन्हें रेगुलर किए जाएगा। रेगुलर होने के बाद भी एक साल का प्रोबेशन पीरियड रहेगा। प्रदेश के इतिहास में पहली बार मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार ने कांट्रेक्ट नियुक्ति वाले टीचरों को परफारमेंस के आधार पर रेगुलर करने का नियम बनाया है। इससे पहले सीधी स्थायी नियुक्ति होती थी। हरियाणा स्कूल एजूकेशन (संबंधित ग्रुप) सर्विस रूल्स 2012 पिछले सप्ताह ही अधिसूचित किए हैं। इनके अनुसार अब जेबीटी टीचर का पदनाम प्राइमरी टीचर (पीआरटी), मास्टर का पदनाम ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (टीजीटी) और लेक्चरर का पदनाम पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (पीजीटी) कर दिया है। पीआरटी और टीजीटी पदों पर भरती एजेंसी के माध्यम से रेगुलर की तरह होगी, लेकिन भरती होने के बाद उन्हें एक साल के लिए कांट्रैक्ट पर रखा जाएगा। पीजीटी के खाली पदों पर 67 फीसदी भरती एजेंसी के माध्यम से होगी। उन्हें भी एक साल के लिए कांट्रैक्ट पर रखा जाएगा। शेष 33 फीसदी पदों पर टीजीटी से प्रमोट कर पीजीटी बनाया जाएगा।
 •इसे हम ठेके पर नियुक्ति नहीं कहेंगे। अलबत्ता, यह भरती तो रेगुलर होगी, लेकिन उन्हें एक-एक साल कर
संतोषजनक सर्विस पांच साल कांट्रैक्ट पर पूरी करनी होगी। उनकी परफारमेंस के आधार पर उन्हें पांच साल के बाद रेगुलर कर दिया जाएगा। यह पहली बार प्रावधान किया गया है। इससे कांट्रैक्ट पर रखे टीचर अच्छे से पढ़ाई कराएंगे और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। -एसपी सरो, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, हरियाणा  
ये मिलेंगी छुट्टियां 
  कांट्रैक्ट पर रखे टीचरों को हर महीने सिर्फ एक कैजुअल लीव मिलेगी जो कैलेंडर वर्ष में कभी भी ली जा सकेगी। इसके अलावा किसी अन्य प्रकार की कोई छुट्टी नहीं मिलेगी। चिकित्सा प्रतिपूर्ति और एलटीसी भी नहीं मिलेगा, लेकिन प्रसूति अवकाश मिलेगा। अगर पांच दिन लगातार बिना बताए टीचर गैरहाजिर रहा तो कांट्रैक्ट स्वयं समाप्त हो जाएगा। कांट्रैक्ट पर रखे किसी भी टीचर का तबादला नहीं होगा। अगर सरकार ऐसे टीचरों को कहीं भेजती है, उस हालत में उन्हें टीएडीए दिया जाएगा। न वेतन पूरा और न पूरी छुट्टियां मिलेंगी नहीं मिलेंगे भत्ते 
कांट्रैक्ट के दौरान पीआरटी टीचर को बेसिक पे और ग्रेड पे यानी 9300 + 4200 = 13500 रुपये प्रति महीना मिलेंगे। डीए नहीं मिलेगा। टीजीटी टीचर को बेसिक पे और ग्रेड पे यानी 10230 + 4600 = 14830 रुपये प्रति महीना होगा। पीजीटी को बेसिक पे और ग्रेड पे यानी 12090 + 4800 = 16890 रुपये प्रति महीना मिलेंगे। हर साल कांट्रैक्ट बढ़ने के साथ न्यूनतम पे बैंड और ग्रेड पे का 3 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा किसी को भी डीए, मकान किराया भत्ता, मेडिकल भत्ता नहीं मिलेगा और न ही कोई अन्य प्रतिपूर्ति होगी। पांच साल की नौकरी के मूल्यांकन के बाद हो सकेंगे रेगुलर

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