Sunday, February 26, 2012

दबाव की रणनीति:EDITORIAL OF DAINIK JAGRAN DATED 26.02.12

नियम 134-ए पर प्रदेश सरकार के एकाएक अति सक्रिय होने और निजी स्कूल संचालकों द्वारा तीखे तेवर अपनाने से एक बात तो स्पष्ट हो रही है कि दोनों तरफ से गंभीरता चिंतन की जरूरत है। प्रदेशभर के अधिकांश प्राइवेट स्कूल एक दिन के लिए बंद रहे, रोहतक में प्राइवेट स्कूल संघर्ष समिति का महासम्मेलन हुआ। 20 मार्च तक मांगें पूरी करने का अल्टीमेटम और 1 अप्रैल से सभी निजी स्कूल बंद करने की धमकी पर प्रदेश सरकार का रवैया स्पष्ट होने में अभी कुछ समय लगेगा पर निजी स्कूल संचालकों की इस आशंका को कुछ हद तक जायज माना जा सकता है कि प्रदेश सरकार 134-ए की आड़ में प्राइवेट स्कूलों को सहभागी के स्थान पर पार्टी बनाना चाहती है। सर्वशिक्षा अभियान के लक्ष्य पूरे करने के लिए जैसी संजीदगी अपेक्षित थी, सरकारी
स्तर पर वैसा कुछ नहीं दिखाई दे रहा। अब इसका अर्थ यह तो नहीं होना चाहिए कि शार्टकट ढूंढ़े जाएं। शिक्षा नीति के तहत सरकारी अनुदाय या रियायती जमीन लेने वाले निजी स्कूलों के लिए यह प्रावधान रखा गया था कि 25 प्रतिशत निर्धन छात्रों को निश्शुल्क दाखिला देना होगा। वर्षो बीत जाने के बाद भी सरकार इस प्रावधान के अमल पर चुप क्यों रही? इस दौरान क्या स्कूलों को मान्यता, अनुदान या जमीन संबंधी रियायत नहीं दी गई? हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद भी सरकार सक्रिय नहीं दिखाई दी। शिक्षा का अधिकार कानून के लक्ष्य पूरे करने के लिए 134-ए को तो मोहरा नहीं बनाया जा रहा? यहां स्पष्ट करना जरूरी है कि 134-ए आरटीई का नियम या अनुच्छेद नहीं, यह प्रदेश सरकार का प्रावधान है। प्राइवेट स्कूलों व सरकार के बीच गतिरोध की जो स्थिति एकाएक बन गई, वह शिक्षा क्षेत्र के लिए शुभ संकेत नहीं। दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठकर मध्यम मार्ग अपनाना होगा। राज्य में आधे से अधिक छात्र निजी स्कूलों में पढ़ते हैं, यदि घोषणानुसार वे बंद कर दिए गए तो शिक्षा व साक्षरता की आदर्श प्रगति में व्यवधान आएगा। सरकार 25 फीसद गरीब बच्चों को दाखिला देने के एवज में प्राइवेट स्कूलों को कुछ तो सम्मानजनक प्रतिपूर्ति दे। प्रत्येक छात्र के लिए निजी स्कूल को 2500 रुपये वार्षिक भुगतान की नीति पर पुनर्विचार करके व्यावहारिक बनाया जाए। कोई भी पक्ष उतावलापन न दिखाए हालांकि नए सत्र से फीस में 10 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा करके निजी स्कूल संचालक अति व्यावहारिकता दिखा चुके हैं।

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