प्राइवेट स्कूल भी सूचना के अधिकार कानून (आरटीआई) के दायरे में आते हैं। इसलिए इन स्कूलों को भी आवेदक द्वारा मांगी गई जानकारी का ब्यौरा देना होगा। अभी तक इस संबंध में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। मगर अब स्टेट इंफोमेशन कमीशन की ओर से हाल ही में दिए गए निर्णय के मुताबिक प्राइवेट स्कूलों से आरटीआई के तहत सूचना मांगी जा सकती है।
सेक्टर 16-17 निवासी रंजना
यादव ने जिला शिक्षा अधिकारी के मार्फत न्यू यशोदा पब्लिक स्कूल से सूचना मांगी थी। स्कूल प्रबंधन ने यह कहकर सूचना उपलब्ध कराने से इंकार कर दिया कि स्कूल की प्राइवेट बाडी होने के नाते वे आरटीआई के दायरे में नहीं आते। इस पर रंजना यादव की तरफ से स्टेट इंफोमेशन कमीशन के पास अपील की गई। इस अपील में 2009 में दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा दिए गए निर्णय का हवाला दिया गया था। जिसमें प्राइवेट स्कूलों को आरटीआई के तहत सूचनाएं देने के आदेश दिए गए थे। इस पर सुनवाई करते हुए कमीशन ने स्पष्ट किया कि प्राइवेट स्कूल परोक्ष व अपरोक्ष रूप से सरकार के प्रति जवाबदेह होते हैं। इसलिए प्राइवेट स्कूलों को भी आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना उपलब्ध करानी होगी।
यादव ने जिला शिक्षा अधिकारी के मार्फत न्यू यशोदा पब्लिक स्कूल से सूचना मांगी थी। स्कूल प्रबंधन ने यह कहकर सूचना उपलब्ध कराने से इंकार कर दिया कि स्कूल की प्राइवेट बाडी होने के नाते वे आरटीआई के दायरे में नहीं आते। इस पर रंजना यादव की तरफ से स्टेट इंफोमेशन कमीशन के पास अपील की गई। इस अपील में 2009 में दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा दिए गए निर्णय का हवाला दिया गया था। जिसमें प्राइवेट स्कूलों को आरटीआई के तहत सूचनाएं देने के आदेश दिए गए थे। इस पर सुनवाई करते हुए कमीशन ने स्पष्ट किया कि प्राइवेट स्कूल परोक्ष व अपरोक्ष रूप से सरकार के प्रति जवाबदेह होते हैं। इसलिए प्राइवेट स्कूलों को भी आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना उपलब्ध करानी होगी।


No comments:
Post a Comment
DEAR USERS YOUR COMMENTS MUST BE VALUABLE.OTHERWISE THEY MAY NOT GET PUBLISHED.
THANKS.
ANIL KUMAR
BLOG ADMINISTRATOR