कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता
परीक्षा (नेट) में कुरुक्षेत्र और रोहतक में 17 हजार परीक्षार्थियों ने
परीक्षा दी। कुरुक्षेत्र के 30 केंद्रों पर 6950 परीक्षार्थी बैठे। वहीं
रोहतक के 22 परीक्षा केंद्रों पर 10 हजार परीक्षार्थियों ने भाग्य आजमाया।
कुवि के परीक्षा नियंत्रक वाई पी गोस्वामी ने बताया कि 30 परीक्षा केंद्र
बनाए गए थे, जिनमें 451 सुपरवाइजरों तथा 30 ऑब्जरवरों को लगाया गया था।
उन्होंने बताया कि इस परीक्षा के 9098 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था,
जिनमें से 6950 विद्यार्थियों ने ही परीक्षा में भाग लिया। परीक्षा पर
नजर रखने के लिए हुकम सिंह व गिरीश चोपड़ा की टीम ने लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। नेट के केंद्र कुवि के अलावा कुरुक्षेत्र शहर के अन्य संस्थानों में भी बनाए गए थे। परीक्षा के मद्देनजर हर केंद्र पर जबरदस्त पुलिस व्यवस्था की गई थी। किसी भी बाहरी तत्व को केंद्र के आसपास भी फटकने नहीं दिया गया। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए फ्लेक्स बोर्ड पर रोल नंबर व उसके सामने सेंटर का नाम लिख कर लगाया गया था। उधर, रोहतक में राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा के लिए कुल 22 केंद्र बनाए गए थे। इन केंद्रों में करीब 10 हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। मदवि के परीक्षा नियंत्रक डॉ. बीएस सिन्धु ने बताया कि सुबह 9.30 बजे से अपराह्न 4 बजे तक तीन शिफ्टों में परीक्षा आयोजित की गई। यूजीसी द्वारा मनोनीत बाहरी पर्यवेक्षकों ने परीक्षा केन्द्रों पर व्यवस्था का जायजा लिया। विश्र्वविद्यालय के संचालन शाखा ने विशेष कार्य अधिकारी वीपी नांदल की सुपरवीजन में परीक्षा कार्य का संयोजन किया।
नजर रखने के लिए हुकम सिंह व गिरीश चोपड़ा की टीम ने लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। नेट के केंद्र कुवि के अलावा कुरुक्षेत्र शहर के अन्य संस्थानों में भी बनाए गए थे। परीक्षा के मद्देनजर हर केंद्र पर जबरदस्त पुलिस व्यवस्था की गई थी। किसी भी बाहरी तत्व को केंद्र के आसपास भी फटकने नहीं दिया गया। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए फ्लेक्स बोर्ड पर रोल नंबर व उसके सामने सेंटर का नाम लिख कर लगाया गया था। उधर, रोहतक में राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा के लिए कुल 22 केंद्र बनाए गए थे। इन केंद्रों में करीब 10 हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। मदवि के परीक्षा नियंत्रक डॉ. बीएस सिन्धु ने बताया कि सुबह 9.30 बजे से अपराह्न 4 बजे तक तीन शिफ्टों में परीक्षा आयोजित की गई। यूजीसी द्वारा मनोनीत बाहरी पर्यवेक्षकों ने परीक्षा केन्द्रों पर व्यवस्था का जायजा लिया। विश्र्वविद्यालय के संचालन शाखा ने विशेष कार्य अधिकारी वीपी नांदल की सुपरवीजन में परीक्षा कार्य का संयोजन किया।


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ANIL KUMAR
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