कल तक शिक्षा विभाग को भ्रष्टाचार के नाम पर कटघरे में रखने वाले अभिभावक, पार्षद और सरपंच आज स्वयं कटघरे में हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने 15 अगस्त पर इलाके के सरकारी स्कूलों में तिरंगा फहराने के लिए शिक्षा विभाग से 500-500 रुपये ले लिए, लेकिन खराब मौसम के चलते या फिर अन्य कारणों से तिरंगा नहीं फहराया। फहराया भी तो उसका सुबूत नहीं रखा। शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से तिरंगा फहराने की रिपोर्ट तुरंत मांगी है। निदेशालय के आदेश आते ही मंगलवार को दिनभर शिक्षा विभाग के अधिकारी सरकारी स्कूलों में विद्यालय प्रबंधन समिति की ओर से फहराए गए तिरंगे का फोटो ई मेल या समाचारपत्रों में प्रकाशित समाचारों की कतरनों को फैक्स करते रहे। अगस्त के प्रथम सप्ताह में शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने जिला शिक्षा अधिकारियों की बैठक में उन्हें 15 अगस्त को सरकारी स्कूलों में विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष द्वारा तिरंगा फहराने की जिम्मेदारी सौंपी थी। साथ ही इस कार्य के लिए सभी विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष को 500-500 रुपये नकद दे दिए गए। प्रदेश में पहली बार सरकारी स्कूलों में शिक्षा के अधिकार के तहत विद्यालय प्रबंधन समिति का गठन किया गया है और इन समितियों के अध्यक्ष का चयन किया गया है। समिति का सचिव संबंधित स्कूल के मुख्य अध्यापक को बनाया गया है। हरियाणा शिक्षा निदेशालय को सूचना मिली कि 15 अगस्त के दिन खराब मौसम के चलते प्रदेश के 60 प्रतिशत स्कूलों में तिरंगा नहीं फहराया गया और न ही तिरंगा फहराने को लेकर उत्साह दिखाई दिया। झंडा फहराया ही नहीं, बल्कि इस पल को याद रखने के लिए कैमरे में कैद भी किया। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी जगत सिंह दांगी ने शिक्षा निदेशालय द्वारा मांगी रिपोर्ट की पुष्टि करते हुए कहा कि आज इससे संबंधित कई स्कूलों की जानकारी को फैक्स किया गया है।


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ANIL KUMAR
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