Saturday, March 26, 2011

अतिथि अध्यापकों के मामले में सरकार की स्पष्ट नीति

आश्वस्तकारी अतिथि अध्यापकों के मामले में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में सरकार की ओर से रखा गया पक्ष स्पष्ट और आश्वस्त करने वाला है। इसमें सरकार की स्पष्ट नीति की भी झलक मिलती है और पता चलता है कि इस मामले में वह दूरगामी सोच व लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रही है। वैसे भी, अतिथि अध्यापकों का मामला जिस तरह सरकार के लिए परेशानी का सबब बन गया है, इससे उसमें इस तरह के कदम की उम्मीद की जाती है। राज्य के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी से निपटने के लिए वर्ष 2005 में अतिथि अध्यापकों की भर्ती का रास्ता चुना गया। तब अस्थायी तौर पर रखे गए करीब बीस हजार अतिथि अध्यापकों को पीरियड के हिसाब से भुगतान का प्रावधान था। बाद में वेतन निश्चित कर दिया गया और भर्ती एक साल के लिए अनुबंध पर कर दी गई। लेकिन यह अस्थायी उपाय सरकार के लिए स्थायी रूप से गले की फांस बन गया। आज स्थिति यह है कि योग्य शिक्षकों की लंबी कतार नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रही है और अतिथि अध्यापक उनके लिए जगह छोड़ने को तैयार नहीं हैं। शिक्षा, शिक्षक और शिक्षार्थियों के कल्याणार्थ कार्य करने के बजाय सरकार अदालतों का चक्कर लगा रही है। चूंकि मामला हजारों परिवारों को प्रभावित करता है, इसलिए वह कठोर निर्णय लेने का साहस नहीं कर पा रही है। दूसरी तरफ, कायदे-कानून के पालन का न्यायापालिका का जबरदस्त दबाव है। अध्यापक पात्रता परीक्षा में सफल अभ्यर्थी अलग से सरकार के दरवाजे पर खड़े हैं। यह अच्छी बात है कि शिक्षा विभाग की प्रधान सचिव ने स्पष्ट कर दिया है कि योग्य शिक्षकों की भर्ती होने तक अतिथि अध्यापकों को बहाल रखा जाएगा। साथ ही, बीएड या उच्च शिक्षा प्राप्त शिक्षकों को जेबीटी अध्यापकों के पद पर तभी तक रखा जाएगा, जब तक नियमित भर्ती नहीं हो जाती। उन्होंने अयोग्य अतिथि अध्यापकों को हटाने का इरादा भी साफ कर दिया है। वैसे भी, सरकार ने अतिथि अध्यापकों को पूरे अवसर दिए हैं कि वे अपना कॅरियर बचा लें। लेकिन रियायतों का फायदा उठाने के बजाय वे सरकार पर दबाव बनाना आसान समझते हैं। पढ़ने-पढ़ाने के पेशे से जुड़े लोगों का परीक्षा से भागना समझ से परे है। अतिथि अध्यापकों को अपनी योग्यता और अर्हता तो साबित करनी ही होगी।

Dainik Jagran Editorial panipat edition dated 26-03-2011

No comments:

Post a Comment

DEAR USERS YOUR COMMENTS MUST BE VALUABLE.OTHERWISE THEY MAY NOT GET PUBLISHED.
THANKS.
ANIL KUMAR
BLOG ADMINISTRATOR

Followers

About Designer

This Blog Design By Gaurav Chopra Passionate Blogger from Fatehabad District